यूनेस्को

UNESCO

- स्थापना-16 नबंवर 1945
- सदस्य-195
- मुख्यालय- पेरिस
- 27 क्लकटर कार्यलय, 21 राष्ट्रीय कार्यालय, 195 सदस्य देश, 7 सहयोगी सदस्य, 2 पर्यवेक्षक सदस्य है।
- महानिदेशक- इरिना बोकावा
- यूनेस्को गरीबी ,अशिक्षा और अज्ञानता के खिलाफ संघर्ष करने वाली सबसे बडी संस्था है। अमेरिका इसका संस्थापक और महत्वपूर्ण सदस्य देश है।
- अमेरिका हर साल यूनेस्को को 8 करोड़ डॉलर की अार्थिक सहायता करता है।
- 1946 में भारत इसका सदस्य बना
अमेरिका -यूनेस्को विवाद-
- मौजूदा विवाद की शुरूआत 2011 से जारी है तब यूनेस्को ने फिलीस्तीन को पूर्ण सदस्यता देने का फैसला किया था।
- इजराइल और अमेरिका ने उसका कड़ा विरोध किया ।
- इसके बाद अमेरिका ने यूनेस्को को दी जाने वाली आर्थिक मदद में 22% कटौती का एेलान किया।
- पिछले साल यूनेस्को ने हिब्रोन के टॉम्ब ऑफ पेदिआर्क को फिलीस्तीन के विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी।
- इजराइल ने इसे यहूदियों के खिलाफ बताया
- यहूदी ,ईसाई और मुसलमानों तीनों इस पर अपना दाबा करते है।
- यह इबादतगाह करीब 2 हजार साल पुरानी है।
- हिब्रोन मूद्दे पर इजराइल ने यूनेस्को को सहयोग देना बंद कर दिया। हाल ही में यूनेस्को ने पश्चिमी तट और पूर्वी इस्लीम में इजराइल की गतिविधियों की आलोचना की।
- 1984 में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के शासन काल में अमेरिका ने यूनेस्को पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। और साथ ही साथ सोवियत संघ का पक्ष लेने का भी आरोप लगाया। इसके बाद यूनेस्को से अमेरिका ने नाता तोड़ लिया।
- 2002 में अमेरिका पुनः इसका सदस्य बना.
- अमेरिका -यूनेस्को का सस्थापक सदस्यों में से एक है लेकिन इजराइल के साथ उसके करीबी संबंध है। अमेरिका की पूरी पश्चिमी एशियाई नीति इजराइल आधारित है।
- अमेरिका इजराइल की रक्षा की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभा ता रहा है।
- 1985 से हर साल 300 करोड़ डॉलर की मद्द करता है।
- दूसरे विश्व युद्ध के बाद से इजराइल को अमेरिका से 12100 करोड़ डॉलर रुपये की सहायता मिल चुकी है।
यूनस्को की सालाना शुल्क समेत 8 करोड़ डॉलर का अंशदान करता था
- 1974 में फिलीस्तीन मुक्तीसिंहा को मान्यता देने के विरोध में अमेरिका ने यूनेस्को को दिया जाने वाला फंड बंद कर दिया ।
- 1984 में रूस के प्रति झुकाव का अारोप लगाते हुए अमेरिका यूनेस्को से अलग हो गया।
- 2002 में अमेरिका यूनेस्को में वापस आया लेकिन 1 नबंवर 2011 को यूनेस्को को दी जाने वाली आर्थिक मदद बंद करने का एेलान कर दिया। इस बार फिलीस्तीन की सदस्यता देने पर था।
- 2013 में अमेरिका का यूनेस्को ने वोटिंग अधिकार निलंबित कर दिया।
अमेरिका -इजराइल के इस फैसले यूनेस्को पर असर-
- अमेरिका और इजराइल के अलग होने पर यूनेस्को पर खर्च कम करने पर असर पडे़गा। इन्होंने गैर लोकतंत्रिक फैसले लेने का आरोप लगाया।
- मौजूदा परियोजनाओं पर अमेरिका और इजराइल के अलग होने पर काफी बुरा असर पड़ेगा।
- पश्चिम एशिया और इससे युद्ध ग्रस्त इलाकों में यूनेस्को कर्मियों की सुरक्षा से खतरे बढेगे।
- यूनेस्को को तकनीक , संसाधन और विशेषज्ञों की कमी का भी समना करना पड़ेगा।
यूनेस्को के कार्य-
शिक्षा , प्राकृतिक विज्ञान, सामाजिक और मानव विज्ञान, संस्कृति और सूचना, संचार के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर काम करना।
उद्देश्य- शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग से शान्ति और सुरक्षा का स्थापना करना है।
विश्व धरोहर स्थलों की पहचान करना
जगहों , इमारतों और पार्क का संरक्षण करना
अन्तर्राष्ट्रीय संधियों को लागू करना
332 अन्तर्राष्ट्रीय स्वयं सेवी संगठनों के साथ सहयोग कर रहा है।
यूनेस्को की योजनाएं-
- एटलस ऑफ द वर्ल्ड लेगवेंज इन डेंजर - भाषाओं के संरक्षण से जुड़ा है इसमें उन 2500 भाषाओं की पहचान की गई है जिनमें लूप्त होने का खतरा मंडरा रहा है।
- जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की निगरानी तथा इससे निपटने के लिए यूनस्को मैन एंड द बायोस्फेयर प्रोग्राम चला रहा है।
- खतरनाक क्षेत्रों में पत्रकारों से जुडे प्रशिक्षण देने में भी यूनेस्को मदद करता है।
- यह हर साल 08 सितंबर को विश्व साक्षरता दिवस का आयोजन करता है।
- विकासशील देशों में यह संस्था लड़कियों की शिक्षा के लिए शिक्षण सामाग्री मुहैया करा रही है।
- होलो कॉस्ट जागरूकता कार्मिक भी आयोजित करती है।












