भूंख की मार
- FAO- Food and Agriculture Organization of the United Nations
- Theme(2017)- Change the future of Migration, Invest in food security and rural development
- एफएओ की स्थापना 16अक्टुबर 1945 में हुई थी 1
- 16 अक्टुबर 1980 को पहला विश्व खाद्य दिवस मनाया गया।
विस्तार और पलायन-
हिंसक संघर्ष , युद्ध
राजनीतिक अस्थिरता
2016 में 25 करोड़ लोगों ने देश छोड़ा
76 करोड़ लोग विस्थापन के शिकार हुए
2015-16 में पलायन करने वालों की संख्या द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे ज्यादा है।
- दुनिया की कुल आबादी का तीन चौथाई रोजी -रोटी के लिए कृषि और सहायक गतिविधियों पर निर्भर है।
गरीबी उन्मुलन( पलायन रोकने के उपाय)
- गांवों में व्यवसाय के अवतार
- नौकरी और कृषि आधारित कारोबार
- छोटे डेयरी, मुर्गीपालन
- खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी
- खाद्य सुरक्षा, आजीविका
- सामाजिक सुरक्षा
- संसाधनों का सही इस्तेमाल
- संघर्षों का राजनीतिक हल
- कानून व्यवस्था
- जलवायु परिवर्तन
विश्व खाद्य दिवस(इतिहास)
- 1980 में रोम में एफएओ की 20 वीं सालाना कांफ्रेस का आयोजन हुआ। इसमें तय हुआ कि हर साल 16 अक्टुबर को विश्व खाद्य दिवस मनाया जायेगा।
- 16 अक्टुबर को इसलिए चैनियत किया गया क्योंकि इसी दिन 1945 को एफएओ की स्थापना हुई थी।
- 16 अक्टुबर 1980 को पहला विश्व खाद्य दिवस मनाया गया।
- संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 16 अक्टुबर दुनिया भर के लोगों को एक जुटकर जीवन में भूख उन्मूलन के लिए अपनी प्रतिबधता घोषित करने का दिन है।
- 1981 में Food and Agriculture Organization पहली बार फूड कम फास्ट को विश्व की थीम घोषित किया।
विश्व खाद्य दिवस
वर्ष थीम
2017 चेंज द फ्यूचर ऑफ माइग्रेशन,इन्वेस्ट इन फूड सेक्युरिटी
एण्ड रुरल डेवेलपमेंट
2016 क्लाइमेट इज चेंजिंग , फुड एंड एग्रीकल्चर मस्ट टू
2015 सोशल सेक्यूरिटी , ब्रेकिंग द सारकल ऑफ रुरल पॉवर्टी
दुनिया में गरीबी
- दुनिया के हर 8 व्यक्तियों में एक व्यक्ति भूंख का शिकार है।
- दुनिया में 60 % महिलाएं भूंख का शिकार
- 5 साल से कम आयु के लगभग 5 लाख बच्चे हर साल कुपोषण की वजह से मारे जाते है।
गरीबी उन्मूलन(संयुक्त राष्ट्र के प्रायस)
- 2000 में सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्य
- 2015 तक प्राप्त करने का लक्ष्य
- 2015 में संधारणीय विकास लक्ष्य रखे गये जिनका 2030 तक पूरा करना है। इसमें 17 गोल और 169 एसोिएटेड टारगेट है।
GLOBAL H UNTER INTEX-2017
- भारत में भूंख एक गंभीर समस्या है
- 119 देशों के वैश्विक भूख सूचकांक में भारत 100 वें स्थान पर है।
- पिछले साल भारत 97 वें स्थान पर था इस साल भारत 3 अंक पीछे पहुंच गया।
विश्व भूंख सूचकांक 2017
देश रैंक जीएचआई
चीन 29 7.5
नेपाल 72 22
म्यांमार 77 22.6
श्रीलंका 84 25.5
बंग्लादेश 88 26.5
आईएफपीआरआई के सुझाव
कुपोषण से जंग (सरकारी योजनाओं द्वारा)
- राष्ट्रीय स्वास्थ मिशन
- जननी सुरक्षा योजना
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना
- अनिवार्य स्तनपान जागरुकता
- अनिवार्य टीकाकरण
- इंद्रधनुष योजना
- माताओं और बच्चों की ट्रेकिंग
- प्रधानमंत्री सुरक्षा मातृत्व अभियान
- एसआरएस बुलेटिन के मुताबिक साल 2016 में भारत में शिशु मृत्यु दर में 3 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है।
- नवंबर 2016 में पूरे देश में खाद्य सुरक्षा कानून लागू किया गया।
- भूख से लड़ने के लिए भोजन की गारंटी के तौर पर साल 2013 में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम संसद से पारित हुआ।
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013
- हर महीने प्रतिव्यक्ति पांच किलों अनाज
- अंत्योदय परिवार को महीने में 35 किलो राशन
- 3 रूपये किलो चावल
- 2रूपये किलो गेहूँ
- 1 रूपये किलो के हिसाब से अनाज
- 6 साल तक के बच्चों को आंगनबाडी से मुक्त भोजन
- 6-14 साल तक के बच्चों को कक्षा 8 तक रोजाना मध्यान भोजन
- प्रत्येक गर्भवती महिला को 6 हजार रुपये की सहायता
- राज्य मेें खाद्य सुरक्षा आयोग
गरीबी की मार(दक्षिण एशिया)
भारत , पाकिस्तना ,बाग्लादेश और नेपाल की 80% जनसंख्या गरीब
एशिया-
हाल के वर्षों में हुई हिंसा और सैन्य संघर्षों की वजह से इराक, अफगानिस्तान, अमन, लेबनान और सीरिया जैसे देशों में गरीबी बढ़ी है।
संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक दुनिया भर में 76.7 करोड़ लोग 1.90 डॉलर यानी करीब 124 रुपये रोजाना से कम दर गुजर बसर कर रहे है। जिसमें 30 % भारतीय है जो गरीबी रेखा से नीचे है। 10 % कामगारों को जरुरत लायक मजदूरी मिल पाती है। दुनिया का हर चौथा बच्चा उम्र के लिहाज से छोटा ।
नौ में से एक व्यक्ति को पौष्टिक भोजन नसीब नहीं हो रहा है।
गरीबी से पीड़ित आबादी का 12.97 गरीबी , कुपोषण के शिकार
- विकासशील देशों में दर 6% में से एक बच्चा कम वजन की समस्या से पीड़ित हैै.
- 23 लाख अफ्रीकी छात्र भूखे स्कूल जाते है।

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