संयुक्त राष्ट्र
- हर साल 24 अक्टुबर को संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया जाता है। इसदिन दुनिया भर के देश वैश्विक शांति, विकास और सहयोग का संकल्प लेते है।
- वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव - एंटोनियो गुटेरेज
- इसका मुख्यालय- न्यूयार्क
- 24 अक्टुबर 1945 को दुनिया के 50 देशों ने यूएन चार्टर पर हस्ताक्षर किये। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र अस्तित्व में आया।
- 1945 में स्वीकृत संयुक्त राष्ट्र चार्टर में आने वाली पीढियों को युद्ध से बचाने , आम लोगों के मानवाधिकारों की रक्षा, बडे़ और छोटे राष्ट्रों को समान अधिकार, अन्तर्राष्ट्रीय न्याय और सम्मान, सामाजिक प्रगति और अच्छा जीवन स्तर , एक दूसरे से सहयोग की भावना, सामान्य हित में ही सशस्त्र बल के प्रयोग जैसी अहम बातों को शामिल किया गया।
- संयुक्त राष्ट्र दिवस पर पहली बार 1971 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अन्तर्राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया।
- अमेरिका ने 1942 में ही 26 देशों के साथ मिलकर एक समझौता किया । और वही से संयुक्त राष्ट्र की राह खुली । आखिरकार 24 अक्टुबर 1945 को यूएन की स्थापना हुई।
- 4-11 फरवरी 1945 के बीच अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने मिलकर एक सम्मेलन किया। सम्मेलन में उस वक्त के तीन सबसे शक्तिशाली - 1. अमेरिका के राष्ट्रपति -फ्रेन्कविन रूजविल्ट, 2. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री - विन्सटल चर्चिल और 3. सोवियत संघं -मार्शल जोसेफ स्टोलेन ने इसी बैठक में यूएन में स्थाई सदस्य का बीज वोया गया। तीनों मुल्क इस बात पर सहमत हुए कि संयुक्त राष्ट्र के भीतर तीनों को वीटो का अधिकार प्राप्त होगा।
- जब 24 अक्टुबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र की स्थापना का एेलान हुआ तब स्थाई सदस्यों की सूची में दो और देश शामिल हुए जिसनें फ्रांस और चीन । लेकिन 1971 तक ताइवान भी चीन के रूप में संयुक्त राष्ट्र का स्थाई सदस्य रहा।
- 1971 क चीन को यूएन ने मान्यता दी तब से मौजूदा चीन सुरक्षा परिषद का सदस्य है।
- 1946-58 के बीच तक फ्रांस में भी सत्ता के बदलाव के चलते दो बार देश का नाम बदलना पड़ा लेकिन 1958 में मौजूदा फ्रांस को यूएन का स्थाई सदस्य माना जा रहा है।
- 24 अक्टुबर 1945 को जब यू एन की स्थापना हुई थी तब इसमें उस समय 51 सदस्य थे जो वर्तमान समय में 193 सदस्य है।
1. महासभा- नीतिगत फैसला लेने का काम, हर साल सितंबर में न्यूयार्क में बैठक होती है, शांति , सुरक्षा और सदस्यता जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है।
2.सुरक्षा परिषद- संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मुताबिक अन्तर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी सुरक्षा परिषद की है।, इसमें पांच स्थायी और 10 अस्थाई सदस्य है।
3. यूनेस्को परिषद- आर्थिक, सामाजिक , पर्यावरण के मुद्दों पर सदस्य देशों से बातचीत और नीतिगत फैसले का काम यूएन का है। सतत विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र का सबसे कारगर संगठन यूनेस्को है।
4. न्यास परिषद-संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के समय न्यास परिषद की भी स्थापना हुई थी। इसका काम था कि 11 प्रान्तों की देखभाल करना था लेकिन ये प्रान्त धीरे-2 सभी आजाद हो गये तो 1994 में इसके काम-काज को बंद कर दिया गया ।
5. अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय- संयुक्त राष्ट्र का मुख्य न्यायिक संगठन है यह एेसा संगठन है जिसका मुख्यालय न्यूयार्क से बाहर नीदरलैंड के द् हेग में है।
6. सचिवालय- संयुक्त राष्ट्र के बाकी सभी सगठनों के काम-काज की जिम्मेदारी सचिवालय के ऊपर है।
संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियां-----------
- जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता
- ओजोन परत को बचाने
- मिस्त्र के पिरामिड समेत कई विश्व धरोहरों की रक्षा
- पोलियो, खसरा, एड्स और इबोला जैसी बीमारियों के खात्में
- इराक,अफगानिस्तान और श्रीलंका में निष्पक्ष चुनाव कराने
- सीरिया, लेबनान, सूडान,अफगानिस्तान और लीबिया के लाखों शरणर्थियों की मदद
- कोसोवो , उत्तरी कोरिया, सूडान , सेन्ट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक और हैती समेत कई देशों में शांति मिशन पिछले 70 सालों में संयुक्त राष्ट्र की बढी उपलब्धियां माना जा सकताी है।
- इस संस्था ने 1956 में स्वेज नहर संकट, एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशवाद की प्रक्रिया को रोकने में अपनी भूमिका निभाई।
- अमेरिका और तत्कालीन सोवियत संघ के बीच शांति युद्ध को कम करने के लिए काम किया।
- 1962 का क्यूबा मिसाइल संकट समेत कई एेसे संकट आये जब यूएन ने शांति बनाये रखने में अहम भूमिका निभाई।
- सीरिया के लाखों शरणर्थियों का टुर्की, लेबनान, और जार्डन जैसे पडोसी देशों में पुर्नर्वास में भी सहयोग किया।
- अफ्रीका में जारी संघर्ष को हल करने के लिए शांति मिशनों की शुरूआत की ।
- विकास की अवधारणा को बढा़वा दिया।
- मानवाधिकारों को प्रोत्साहन
- समाज के विकास के लिए नागरिकों की क्षमताओं का बढा़या।
- पिछले 50 सालों में कई एेसे मौके आये जब इसकी भूमिका पर सवाल उठे
- इस दौरान फलीस्तीन , म्यांमार, बोस्निया हिंसा, सूडान और सीरिया मेंं नरसंहार रोकने में नाकाम रहा।
- शासक वर्ग के अत्याचार, मजबूत देशों की मनमानी और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र कोई मजबूत कदम नहीं उठा सका।
- इराक पर अमेरिकी हमला, लीबिया में पश्चिमी देशों के कार्यवाही , अफगानिस्तान में नाटो सेनाओं की मौजूदगी, यमन में सउदी गठबंधन सेनाओं के आम नागरिकों पर हमले , सीरिया में मजबूत देशों के मनमाने फैसले , और म्यांमार मामले है जहाँ यूए नाकाम रहा।
- संयुक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्यता के लिए दुनिया की बडी शक्तियाँ भारत के समर्थन में सामने आयी है।
- फ्रांस , ब्रिटेन और रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ऐसे स्थाई सदस्य है जो पहले से ही भारत के दावे को समर्थन देते रहे है।
- अमेरिका और चीन भारत का समर्थन नहीं करते थे लेकिन अमेरिका ने अब खुलकर भारत की दाबेदारी को समर्थन देना शुरू किया है। चीन भी कई बार भारत के पक्ष में बय़ान दे चुका है।
- स्थाई सदस्यता के लिए भारत के अलावा जर्मनी, जापान और ब्राजील भी दाबेदारी मजबूत है भारत और इन तीन देशों ने जी-4 का गठन इसी मकसद से किया है। जी-4 सभी अपने देशों की स्थाई सदस्यता चाहता है।
- अर्जेन्टीना, इटली , कनाडा , कोलंबिया और पाकिस्तान ने जी-4 की कोशिशो को नाकाम करने के लिए जुलाई 2005 में काफी का गठन किया । यह मंच मौजूदा पांच देशों की स्थाई सदस्यता को सुरक्षित रखने का पक्षधर है। इस गठन का नेतृत्व पाकिस्तान और इटली के हाथों में है।भारत को लेकर चीन ने कोई विराध नहीं किया लेकिन इस कलव को सराहना दी।














