Mansoon 2017
- स्थल के मुकाबले सूरज की गर्मी का असर समुद्र पर देर से पड़ता है।
- बंगाल से लेकर कश्मीर तक , गंगा के मैदानों से लेकर मध्य पश्चिमी व दक्षिणी भारत में निम्न दाब की स्थिति पैदा हो जाती है। इसके साथ ही, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में उच्च दाब की स्थिति वाली शीतल समुद्री हवाएं अपने साथ भारी नमी लिए हुए हिमाचल की अोर चल पड़ती हैं। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में प्रायः एक साथ उठने वाली मासूनी हवाएं उत्तर में हिमालय पर्वत और पश्चिम में सह्य़द्रि पहाडों से टकराकर मानसूनी हवाएं उपर उठती है। और ठडी होकर वर्ष का रूप धारण कर लेती हैः मानसून को मुख्यता दो रूपों में बांटा गया है- 1. दक्षिण - पूर्वी मानसून, 2. उत्तर -पश्चिमी मानसून
- मई के अंत में और जून के शुरूआत के दिनों में हिंद महासागर की ओर से आने वाली हवाओं के कारण भारतीय भू-भाग में होने वाली वर्षा को दक्षिण -पूर्वी मानसून कहते है। अक्टूबर-नवंबर के आसपास बंगाल की खाड़ी की ओर से लौटती हुई उन हवाओं को उत्तर -पश्चिमी मानसून कहा कहा जाता है। जो तमिलनाडू से लेकर श्रीलंका और ऑस्ट्रेलिया तक बर्षा करता है।
- मानसून अंग्रेजी शब्द की उपज पुर्तगाली भाषा के “मॉन्सैओ” से हुई।
- अरबी का शब्द मॉवसिम या मौसिम
- मानसून शब्द का प्रयोग हिंद महासागरऔर अरब सागर की तरफ से देश के दक्षिण-पश्चिमी तट पर आने वाले बादलों से भरी नम हवा के संदर्भ में किया जाता है।
- इसका विस्तार 10 डिग्री दक्षिणी अक्षांश से लेकर 25 डिग्री उत्तरी अक्षांश तक है।
पूर्वी एशियाई मासून
भारतीय -चीनी भू-भाग
2. फिलीपिंस
3. चीन
4. कोरिया
5. जापान
चीन में ऐसी मौसमी वर्षा को मेइयु
कोरिया - चांग्मा
जापान- बाई-यु
- अफ्रीका के क्षेत्र के सूडान आदि देशों के मरुस्थलीय इलाकों में होने वाली ज्यादातर वर्षा 22 जून के आसपास होती है।
- उत्तरी अमेरिकी मानसून जून माह के आखिर या जुलाई से शुरू होकर सिंतबर तक वर्षा कराता है। इस मानसून के अनेकों नाम है 1. संक्षेप में - नाम, 2. उत्तर अमेरिका के लोग- समर, साउथ-वेस्ट, मैक्सिकम और एरिजोना मानसून और इसे डेजर्ट मानसून कहते है.
मानसून की सटीक भविष्यवाणी के लिए भारतीय मौसम विभाग ने एक बार सोवियत संघ के साथ मिलकर “मोनेक्स” नामक कार्यक्रम भी चलाया था ।
मानसूनी वर्षा के पूर्वानुमानों के तीन स्तर होते है-
दीर्घावधि
2. मध्यम अवधि
3. अल्पावधि
12वीं पंचवर्षीय योजना के तहत मौसम विभाग जिला स्तर पर पूर्वानुमान दे रहा है। और अब ब्लॉक स्तर पर मौसम का पूर्वानुमान देने की योजना पर काम चल रहा है।
मानसून के पूर्वानुमान के मुताबिक इस बार औसत के आसपास वर्षा हुई।
- 95% वर्षा
- 96-104% वर्षा सामान्य माना जाता है।
- 1 जून से 30 सिंतबर तक को मानसून माना जाता है।
कमजोर मानसून का खेती पर असर-
- 2.8% खाद्यान्न उत्पादन कम
- 8% तिलहन का उत्पादन कम
- देश में 80% बारिश मानसून के चार महिनों के दौरान होती है। चार महीनों में-
- 89 सेमीं. वारिश
- पश्चिमी तट और पूर्वोत्तर में 200-1000 सेंमी. बारिश
- राजस्थान -तमिलनाडु के कुछ इलाकों में 10-15 सेंमी. बारिश
- 1871 के बाद देश में मानसून का रिकॉर्ड रखना शुरू हुआ।
- मौसम विभाग पिछले 50 साल के औसत के आधार पर हर साल बारिश के पुर्वानुमान बताता है-
- पूरे मौसम के लिए लंबी अवधि का पूर्वानुमान
- 15 दिनों से एक महीने के लिए अवधि का पुर्वानुमान
- 24 घंटे से कम के लिए कम अवधि का पुर्वानुमान
- देश की 65% कृषि मानसून पर निर्भर है।
- उत्तरी अमेरिकी मानसून जून माह के आखिर या जुलाई से शुरू होकर सिंतबर तक वर्षा कराता है। इस मानसून के अनेकों नाम है 1. संक्षेप में - नाम, 2. उत्तर अमेरिका के लोग- समर, साउथ-वेस्ट, मैक्सिकम और एरिजोना मानसून और इसे डेजर्ट मानसून कहते है.






