शनिवार, 28 अक्टूबर 2017

विश्व संसद

                    संयुक्त राष्ट्र

  • हर साल 24 अक्टुबर को संयुक्त राष्ट्र दिवस मनाया जाता है। इसदिन दुनिया भर के देश वैश्विक शांति, विकास और सहयोग का संकल्प लेते है।
  • वर्तमान में संयुक्त राष्ट्र के महासचिव - एंटोनियो गुटेरेज
  • इसका मुख्यालय-  न्यूयार्क 
  • 24  अक्टुबर 1945 को दुनिया के 50 देशों ने यूएन चार्टर पर हस्ताक्षर किये। इसके बाद संयुक्त राष्ट्र अस्तित्व में आया।
संयुक्त राष्ट्र चार्टर-
  • 1945 में स्वीकृत संयुक्त राष्ट्र चार्टर में आने वाली पीढियों को युद्ध से बचाने , आम लोगों के मानवाधिकारों  की रक्षा, बडे़ और छोटे राष्ट्रों को समान अधिकार, अन्तर्राष्ट्रीय न्याय और सम्मान, सामाजिक प्रगति और अच्छा जीवन स्तर , एक दूसरे से सहयोग की भावना, सामान्य हित में ही सशस्त्र बल के प्रयोग जैसी अहम बातों को शामिल किया गया।
  • संयुक्त राष्ट्र दिवस पर पहली बार 1971 में संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अन्तर्राष्ट्रीय अवकाश घोषित किया।
  •  अमेरिका ने 1942 में ही 26 देशों के साथ मिलकर एक समझौता किया । और वही से संयुक्त राष्ट्र की राह खुली । आखिरकार 24 अक्टुबर 1945 को यूएन की स्थापना हुई।
  • 4-11 फरवरी 1945 के बीच अमेरिका, ब्रिटेन और रूस ने मिलकर एक सम्मेलन किया। सम्मेलन में उस वक्त के तीन सबसे शक्तिशाली - 1.  अमेरिका के राष्ट्रपति -फ्रेन्कविन रूजविल्ट, 2. ब्रिटेन के प्रधानमंत्री - विन्सटल चर्चिल  और 3. सोवियत संघं -मार्शल जोसेफ स्टोलेन  ने इसी बैठक में यूएन में स्थाई सदस्य का बीज  वोया गया। तीनों मुल्क इस बात पर सहमत हुए कि संयुक्त राष्ट्र के भीतर तीनों को वीटो का अधिकार प्राप्त होगा।
  • जब 24 अक्टुबर 1945 को संयुक्त राष्ट्र की स्थापना का एेलान हुआ तब स्थाई सदस्यों की सूची में दो और देश शामिल हुए  जिसनें फ्रांस और चीन । लेकिन 1971 तक ताइवान भी चीन के रूप में संयुक्त राष्ट्र का स्थाई सदस्य रहा।
  • 1971 क चीन को यूएन ने मान्यता दी तब से मौजूदा चीन सुरक्षा परिषद का सदस्य है।
  • 1946-58 के बीच तक फ्रांस में भी सत्ता के बदलाव के चलते दो बार देश का नाम बदलना पड़ा लेकिन 1958 में मौजूदा फ्रांस को यूएन का स्थाई सदस्य माना जा रहा है।
  • 24 अक्टुबर 1945 को जब यू एन की स्थापना हुई थी तब इसमें उस समय 51 सदस्य थे जो वर्तमान समय में  193 सदस्य है।
संयुक्त राष्ट्र के कई अंग-
1. महासभा- नीतिगत फैसला लेने का काम, हर साल सितंबर में न्यूयार्क में बैठक होती है, शांति , सुरक्षा और सदस्यता जैसे मुद्दों पर चर्चा होती है।
2.सुरक्षा परिषद- संयुक्त राष्ट्र चार्टर के मुताबिक अन्तर्राष्ट्रीय शांति और सुरक्षा की प्राथमिक जिम्मेदारी सुरक्षा परिषद की है।, इसमें पांच स्थायी  और 10 अस्थाई सदस्य है।
3. यूनेस्को परिषद- आर्थिक, सामाजिक , पर्यावरण के मुद्दों पर सदस्य देशों से बातचीत और नीतिगत फैसले का काम यूएन का है। सतत विकास के लिए संयुक्त राष्ट्र का सबसे कारगर संगठन यूनेस्को है।

4. न्यास परिषद-संयुक्त राष्ट्र की स्थापना के समय न्यास परिषद की भी स्थापना हुई थी। इसका काम था कि 11 प्रान्तों की देखभाल करना था लेकिन ये प्रान्त धीरे-2 सभी आजाद हो गये तो 1994 में इसके काम-काज को बंद कर दिया गया ।
5. अन्तर्राष्ट्रीय न्यायालय- संयुक्त राष्ट्र का मुख्य न्यायिक संगठन है यह एेसा संगठन है जिसका मुख्यालय न्यूयार्क से बाहर नीदरलैंड के द् हेग में है।
6. सचिवालय-  संयुक्त राष्ट्र के बाकी सभी सगठनों के काम-काज की जिम्मेदारी सचिवालय के ऊपर है।

 संयुक्त राष्ट्र की उपलब्धियां-----------
  • जलवायु परिवर्तन पर पेरिस समझौता
  • ओजोन परत को बचाने
  • मिस्त्र के पिरामिड समेत कई विश्व धरोहरों की रक्षा 
  • पोलियो, खसरा, एड्स और इबोला जैसी बीमारियों के खात्में
  •  इराक,अफगानिस्तान और श्रीलंका में निष्पक्ष चुनाव कराने
  • सीरिया, लेबनान, सूडान,अफगानिस्तान और लीबिया के लाखों शरणर्थियों की मदद
  • कोसोवो , उत्तरी कोरिया, सूडान , सेन्ट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक और हैती समेत कई देशों में शांति मिशन पिछले 70 सालों में संयुक्त राष्ट्र की बढी उपलब्धियां माना जा सकताी है।
  • इस संस्था ने 1956 में स्वेज नहर संकट, एशिया और अफ्रीका में उपनिवेशवाद की प्रक्रिया को रोकने में अपनी भूमिका निभाई।
  • अमेरिका और तत्कालीन सोवियत संघ के बीच शांति युद्ध को कम करने के लिए काम किया।
  • 1962 का  क्यूबा मिसाइल संकट समेत कई एेसे संकट आये जब यूएन ने शांति बनाये रखने में अहम भूमिका निभाई।
  • सीरिया के लाखों शरणर्थियों का टुर्की, लेबनान, और जार्डन जैसे पडोसी देशों में पुर्नर्वास में भी सहयोग किया।
  • अफ्रीका में जारी संघर्ष को हल करने के लिए शांति मिशनों की शुरूआत की ।
  • विकास की अवधारणा को बढा़वा दिया।
  • मानवाधिकारों को प्रोत्साहन 
  • समाज  के विकास के लिए नागरिकों की क्षमताओं का बढा़या।
नाकामियांःःःःःःःःःःःःःःः
  • पिछले 50 सालों में कई एेसे मौके आये जब इसकी भूमिका पर सवाल उठे
  • इस दौरान फलीस्तीन , म्यांमार, बोस्निया हिंसा, सूडान और सीरिया मेंं नरसंहार रोकने में नाकाम रहा।
  • शासक वर्ग के अत्याचार, मजबूत देशों की मनमानी और आतंकवाद के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र कोई मजबूत कदम नहीं उठा सका।
  • इराक पर अमेरिकी हमला, लीबिया में पश्चिमी देशों के कार्यवाही , अफगानिस्तान में नाटो सेनाओं की मौजूदगी, यमन में सउदी गठबंधन सेनाओं के आम नागरिकों पर हमले , सीरिया में मजबूत देशों के मनमाने फैसले , और म्यांमार मामले है जहाँ यूए नाकाम रहा। 
 सुरक्षा परिषद की स्थाई सदस्यता में भारत की चुनौतियाँःःःःः
  • संयुक्त राष्ट्र में स्थाई सदस्यता के लिए दुनिया की बडी शक्तियाँ भारत के समर्थन में सामने आयी है।
  • फ्रांस , ब्रिटेन और रूस संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के ऐसे स्थाई सदस्य है जो पहले से ही भारत के दावे को समर्थन देते रहे है।
  • अमेरिका और चीन भारत का समर्थन नहीं करते थे लेकिन अमेरिका ने अब खुलकर भारत की दाबेदारी को समर्थन देना शुरू किया है। चीन भी कई बार भारत के पक्ष में बय़ान दे चुका है।
  • स्थाई सदस्यता के लिए भारत के अलावा जर्मनी, जापान और ब्राजील भी दाबेदारी मजबूत है भारत और इन तीन देशों ने जी-4 का गठन इसी मकसद से किया है। जी-4 सभी अपने देशों की स्थाई सदस्यता चाहता है।
  • अर्जेन्टीना, इटली , कनाडा , कोलंबिया और पाकिस्तान ने जी-4 की कोशिशो को नाकाम करने के लिए जुलाई 2005 में काफी का गठन किया । यह मंच मौजूदा पांच देशों की स्थाई सदस्यता को सुरक्षित रखने का पक्षधर है। इस गठन का नेतृत्व पाकिस्तान और इटली के हाथों में है।भारत को लेकर चीन ने कोई विराध नहीं किया लेकिन इस कलव को सराहना दी।


  


     

शुक्रवार, 27 अक्टूबर 2017

जापान में मध्यावधि चुना

जापान के मध्यावधि चुनाव में अाबे की जीत

एलडीपी- लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत

जापान चुनाव-

  •  संसद की 465 सीटों के लिए चुनाव
  • एलडीपी को संसद में 312 सीटों पर जीत दर्ज हुई।
  • विपक्षी गठबंधन को महज 126 सीटें मिली।
जापान संसद
  • कार्यकाल- 4साल
  • 1947 में बने संविधान के अनु. 7 के तहत राजा को समय से पहले संसद भंग करने का अधिकार मिला हुआ है।
  • संसद भंग होने के 40 दिनों के भीतर चुनाव कराने जरूरी है।
  • 2015 में वोट डालने की उम्र 20 साल से 18 साल कर दी गई।
  • चुनाव में जीत के बाद आबे तीसरी बार एलडीपी के नेता बन सकते है। इसका फैसला अगले सितंबर में होगा। इसके बाद आबे जापान में सबसे लम्बे समय तक बने रहने वाले नेता बन जायेगे।
शिंजो आबे
  •  पहली बार 2012 में अाबे प्रधानमंत्री बने।
  • 2014 में हुए आम चुनाव में आबे के गठबंधन को 326 सीटें मिली।
  • तब संसद में कुल 472 सीटे थी।
  • इस बार शिजों आबे का मुकाबला यूरिको कोईको की की पार्टी  पार्टी ऑफ होप और यूकियो इदानो के नेतृत्व वाली मध्यवाम कांस्टीयूसनल डेमोक्रेटिक पार्टी से था।

जापान की चुनाव प्रक्रिया-
  •  हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव्स -निचला सदन (चुनाव चार साल में)
  • यह चार साल में भंग होती है।
  • जापान में हाउस ऑफ काउन्सलर्स के लिए 3 साल बाद चुनाव होते है। जिसमें सदन के आधे सदस्यों का चुनाव होता है।
  • अगर कोई जापान में 3 महीनों तक रह चुका है और उसके पास रिहाइस का दस्तावेज है तो वह वोट दे करता है।
  • निचले सदन के लिए न्यूनतम उम्र -25 साल 
  • ऊपरी सदन (हाऊस ऑफ काउन्सलर्स) के लिए 30 साल 
  • निचले सदनें सदस्य- 475
  • 295 -सीधे चुनाव द्वारा
  • 180 का आनुपातिक प्रतिनिधित्व से चुने जाते है।
  • ऊपरी सदन-242 सदस्य
  • जिनका कार्यकाल 6 साल का होता है।
  • 146 सीधे चुनाव द्वारा
  • 96 आनुपातिक प्रतिनिधित्व से चुनाव
  • 1980 और 1986 जब दोनों सदनों के चुनाव साथ-साथ हुए।
नई सरकार की चुनौतियां-
    • समय से पहले चुनाव कराकर शिंजो आबे ने विपक्ष की पार्टियों को मौका नहीं दिया
    •  लोगों ने आबे पर फिर से भरोसा जताया और उनकी उम्मीदों को पूरा करने के लिए आबे पर दबाव होगा।
    • स्कूल फंडिंग विवाद को दुरूस्त करना होगा।
    • इस चुनाव में आबे ने मुक्त शिक्षा का वादा किया।जिसका दबाव नई सरकार पर होगा।
    • शिंजो आबे ने घटती आबादी पर चिंता जताई थी। और इसके लिए सरकार को नये सिरे से काम करना होगा।
    • स्वास्थ्य सुविधाओं को दुरूस्त करने का वादा किया।
    • लेकिन नई सरकार को जापान की आर्थिक हालत सुधारने का सबसे ज्यादा दबाव है।
    • अक्टुबर 2019 में उपभोग कर बढा़ने के पुराने लक्ष्य को संशोधित करना होगा। इस कर को समय से पहले बढा़ना होगा। क्योेंकि इससे केंद्र और राज्य सरकारों के बोझ को कम किया जा सके।
    • इस समय जापान पर 8 लाख 81 हजार डॉलर का कर्ज है।
    • योजना के मुताबिक उपभोग कर में 10% की बढोंत्तरी हो सकती है। इस कर को बढाने से जनता में नाराज़गी से यह संतुलन बनाना नई सरकार के लिए चुनौती पूर्ण होगा।
    • जापान में बढ़ रही बेरोजगारी पर लगाम कसना नई सरकार के लिए बहुत जरूरी है।
    • कुछ महीनों से उत्तर कोरिया ने अशांति का माहौल बनाया है। उसके बाद जापान के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा का मामला सबसे महत्वपूर्ण है।
    • जापान दुनिया का एक एेसा देश है जो परमाणु हमले झेल चुका है।
    • कोरियन प्रायद्वीप में लगातार परमाणु हथियारों की होड़ ने जापान की चिंता बढा़ दी है। नई सरकार को इस महौल जनता को निकालने की चुनौती होगी।
    • अशांत कोरियन प्रायद्वीप में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर कुटनीति बढात का दबाव आबे पर होगा। दक्षिण कोरिया के आलावा पडोसी देशों को जो़डना जापान के लिए बेहद जरूरी है।
    • चीन और रूस के साथ जापान की दोस्ती को बढाने की दरकार।
    • संविधान संशोधन की मांग
    • पहली बार संविधान संशोधन का दबाव, इसको पारित करने के लिए आबे को दोनों सदनों में  दो तिहाई बहुमत से पारित करना होगा, इसके बाद जनमत संग्रह भी कराना होगा।

       

        अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर-

      • आबे की जीत के बाद जापान और अमेरिका का रक्षा सहयोग बढेगा।
      • जापान के ऊपर से गुजरी उत्तर कोरियाई मिसाइलों ने जापान में सुरक्षा चिंताये बढायी।

        भारत के साथ संबंध

      • जापान में परमाणु ऊर्जा के पक्ष में उदारवादी आर्थिक नीतियांँ अमल में लाई जा सकती है।
      • शिंजो आबे की नीति से भारत के संबंध काफी मायने रखते है। हाल ही में आबे गुजरात आये वहां उन्होनें प्रधानमंत्री मोदी जी के साथ मिलकर भारत की पहली बुलट ट्रेन का शिलान्यास किया। जापान ने भारत को 190 यॉन का कर्ज देने का वादा किया है।
      •  जापान के वर्षों से सांस्कृतिक संबंध रहे है। 
      • भारत का स्वाधीनता आंदोनल दोनों देशों के इतिहास को जोड़ता है।
      • 6वीं सदी में बौद्ध भिक्षुक जापान पहुंचे यह दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक शुरूआत मानी जाती है।
      • दूसरे विश्व युद्ध के दौरान नेता जी सुभाष चन्द्र बोस की आजाद हिंद सेना ने जापान के सहयोग से अंग्रजों से लडा़ई लड़ी।
      • भारत जब आजाद हुआ तब दोनो के बीच अच्छे रिश्ते कायम रहे।
       
    • दोनों  देशों के बीच सालाना व्यापार लगभग 18 अरब डॉलर
    • जापान का भारत में एफडीआई- 15 अरब डॉलर
    • मारूती(भारत)-सुजुकी(जापान) बड़ा संयुक्त उपक्रम जो भारतमें सबसे बडी कार निर्माता कंपनी
    • भारत -जापान के बीच मुक्त व्यापार समझौता-2011
    • प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की लुक इस्ट नीति जो जापान से बेहतर रिश्ते की वकालत करती हिै।
    • शिंजो आबे आर्क ऑफ फ्रीडम के पैरोकार। 
         
 

बुधवार, 25 अक्टूबर 2017

विश्व के सबसे असुरक्षित शहरों की सूची

द इकोनॉमिस्ट इंटेलिजेंस यूनिट के सेफ सिटी इंटेक्स -2017

  • करांची- विश्व का सबसे असुरक्षित शहर माना गया है।
  • टोकियो- सबसे सुरक्षित शहर 
  • सेफ सिटी इंटेक्स -2017 को तैयार करने के लिए  निजी सुरक्षा, डिजिटल सुरक्षा, स्वास्थ्य सूरक्षा और ढांचा सुरक्षा जैसे 49 प्रतिमानों को आधार बनाया गया।
  • सबसे सुरक्षित शहर-   
       रैंक           शहर
  • 1            टोक्यो
          2          सिंगापुर 
         3          ओसाका
         43       दिल्ली
         45      मुम्बई
  • इंडेक्स में कुल 60 शहर है।
  • टॉप -10 में अमेरिका, इंलैण्ड , फ्रांस का कोई शहर नहीं है।
  • वर्ष 2015 - 50 शहर इस इंडेक्स में शामिल थे।
  •  इस साल के इंडेक्स में केवल दो शहरों की सुरक्षा दर्ज हुई- 1. स्पेन के मैड्रिड मानकों में 13 अंक, 2. सियोल में 6 अंक। 

रविवार, 22 अक्टूबर 2017

यूनेस्को में फिलीस्तीन की सदस्यता को लेकर विरोध

                                  यूनेस्को
UNESCO

  • स्थापना-16 नबंवर 1945
  • सदस्य-195
  • मुख्यालय- पेरिस
  • 27 क्लकटर कार्यलय, 21 राष्ट्रीय कार्यालय, 195 सदस्य देश, 7 सहयोगी सदस्य, 2 पर्यवेक्षक सदस्य है।
  • महानिदेशक- इरिना बोकावा
  • यूनेस्को गरीबी ,अशिक्षा और अज्ञानता के खिलाफ संघर्ष करने वाली सबसे बडी संस्था है। अमेरिका इसका संस्थापक और महत्वपूर्ण सदस्य देश है।
  • अमेरिका हर साल यूनेस्को को 8 करोड़ डॉलर की अार्थिक सहायता करता है। 
  • 1946 में भारत इसका सदस्य बना

अमेरिका -यूनेस्को विवाद-

  • मौजूदा विवाद की शुरूआत 2011 से जारी है तब यूनेस्को ने फिलीस्तीन को पूर्ण सदस्यता देने का फैसला किया था।
  • इजराइल और अमेरिका ने उसका कड़ा विरोध किया ।
  • इसके बाद अमेरिका ने यूनेस्को को दी जाने वाली आर्थिक मदद में 22% कटौती का एेलान किया।
  • पिछले साल यूनेस्को ने हिब्रोन के टॉम्ब ऑफ पेदिआर्क को फिलीस्तीन के विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता दी।
  • इजराइल ने इसे यहूदियों के खिलाफ बताया 
  • यहूदी ,ईसाई और मुसलमानों तीनों इस पर अपना दाबा करते है।
  • यह इबादतगाह करीब 2 हजार साल पुरानी है।
  • हिब्रोन मूद्दे पर इजराइल ने यूनेस्को को सहयोग देना बंद कर दिया। हाल ही में यूनेस्को ने पश्चिमी तट और पूर्वी इस्लीम में इजराइल की गतिविधियों की आलोचना की।
  • 1984 में राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के शासन काल में अमेरिका ने यूनेस्को पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। और साथ ही साथ सोवियत संघ का पक्ष लेने का भी आरोप लगाया। इसके बाद यूनेस्को से अमेरिका ने नाता तोड़ लिया।
  • 2002 में अमेरिका पुनः इसका सदस्य बना.
  • अमेरिका -यूनेस्को का सस्थापक सदस्यों में से एक है लेकिन इजराइल के साथ उसके करीबी संबंध है। अमेरिका की पूरी पश्चिमी एशियाई नीति इजराइल आधारित है।
  • अमेरिका इजराइल की रक्षा की जिम्मेदारी पूरी निष्ठा के साथ निभा ता रहा है।
  • 1985 से हर साल 300 करोड़ डॉलर की मद्द करता है।
  • दूसरे विश्व युद्ध के बाद से इजराइल को अमेरिका से 12100 करोड़ डॉलर रुपये की सहायता मिल चुकी है।
यूनेस्को वित्त संकट से जुझ रहा है। अमेरिका के अलग होते ही इसके वित्तीय ढांचे पर काफी असर देखने को मिलेगा।
यूनस्को की सालाना शुल्क समेत 8 करोड़ डॉलर का अंशदान करता था 
  • 1974 में फिलीस्तीन मुक्तीसिंहा को मान्यता देने के विरोध में अमेरिका ने यूनेस्को को दिया जाने वाला फंड बंद कर दिया ।
  • 1984 में रूस के प्रति झुकाव का अारोप लगाते हुए अमेरिका यूनेस्को से अलग हो गया।
  • 2002 में अमेरिका यूनेस्को में वापस आया लेकिन 1 नबंवर 2011 को यूनेस्को को दी जाने वाली आर्थिक मदद बंद करने का एेलान कर दिया। इस बार फिलीस्तीन की सदस्यता देने पर था।
  • 2013 में अमेरिका का  यूनेस्को ने वोटिंग अधिकार निलंबित कर दिया।

अमेरिका -इजराइल के इस फैसले यूनेस्को पर असर-

  • अमेरिका और इजराइल के अलग होने पर यूनेस्को पर खर्च कम करने पर असर पडे़गा। इन्होंने गैर लोकतंत्रिक फैसले लेने का आरोप लगाया।
  • मौजूदा परियोजनाओं पर अमेरिका और इजराइल के अलग होने पर काफी बुरा असर पड़ेगा।
  • पश्चिम एशिया  और इससे युद्ध ग्रस्त इलाकों में यूनेस्को कर्मियों की सुरक्षा से खतरे बढेगे।
  • यूनेस्को को तकनीक , संसाधन और विशेषज्ञों की कमी का भी समना करना पड़ेगा।

यूनेस्को के कार्य- 

शिक्षा , प्राकृतिक विज्ञान, सामाजिक और मानव विज्ञान, संस्कृति और सूचना, संचार के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर काम करना।
उद्देश्य- शिक्षा और संस्कृति के क्षेत्र में अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग से शान्ति और सुरक्षा का स्थापना करना है।

विश्व धरोहर स्थलों की पहचान करना
जगहों , इमारतों और पार्क का संरक्षण करना
अन्तर्राष्ट्रीय संधियों को लागू करना
332 अन्तर्राष्ट्रीय स्वयं सेवी संगठनों के साथ सहयोग कर रहा है।

 

    यूनेस्को की योजनाएं-

  • लस ऑफ द वर्ल्ड लेगवेंज इन डेंजर - भाषाओं के संरक्षण से जुड़ा है इसमें उन 2500 भाषाओं की पहचान की गई है जिनमें लूप्त होने का खतरा मंडरा रहा है।
  • जलवायु परिवर्तन के प्रभावों की निगरानी तथा इससे निपटने के लिए यूनस्को मैन एंड द बायोस्फेयर प्रोग्राम चला रहा है।   
  •  खतरनाक क्षेत्रों में पत्रकारों से जुडे प्रशिक्षण देने में भी यूनेस्को मदद करता है।
  • यह हर साल 08 सितंबर को विश्व साक्षरता दिवस का आयोजन करता है। 
  • विकासशील देशों में यह संस्था लड़कियों की शिक्षा के लिए शिक्षण सामाग्री मुहैया करा रही है। 
  • होलो कॉस्ट जागरूकता कार्मिक भी आयोजित करती है। 

बुधवार, 18 अक्टूबर 2017

खाद्य सुरक्षा दिवस

                                भूंख की मार

  •  FAO- Food and Agriculture Organization of the United Nations
  • Theme(2017)- Change the future of Migration, Invest in food security and rural development
  •  एफएओ की स्थापना 16अक्टुबर 1945 में  हुई थी 1
  •  16 अक्टुबर 1980 को पहला विश्व खाद्य दिवस मनाया गया।

विस्तार और पलायन-

    • हिंसक संघर्ष , युद्ध 

      • राजनीतिक अस्थिरता

        2016 में 25 करोड़ लोगों ने देश छोड़ा

        76 करोड़ लोग विस्थापन के शिकार हुए

        2015-16  में पलायन करने वालों की  संख्या  द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे ज्यादा है। 


        • दुनिया की कुल  आबादी का तीन चौथाई रोजी -रोटी के लिए कृषि और सहायक गतिविधियों पर निर्भर है।

          गरीबी उन्मुलन( पलायन रोकने के उपाय)

          1. गांवों में व्यवसाय के अवतार
          2.  नौकरी और कृषि आधारित कारोबार
          3. छोटे डेयरी, मुर्गीपालन
          4. खाद्य प्रसंस्करण, बागवानी
          5. खाद्य सुरक्षा, आजीविका
          6. सामाजिक सुरक्षा
          7. संसाधनों का सही इस्तेमाल
          8. संघर्षों का राजनीतिक हल
          9. कानून व्यवस्था
          10. जलवायु परिवर्तन

          विश्व खाद्य दिवस(इतिहास)

          •  1980 में रोम में एफएओ की 20 वीं सालाना कांफ्रेस का आयोजन हुआ। इसमें तय हुआ कि हर साल 16 अक्टुबर   को विश्व खाद्य दिवस मनाया जायेगा।
          • 16 अक्टुबर को इसलिए चैनियत किया गया क्योंकि इसी दिन 1945 को एफएओ की स्थापना हुई थी।
          • 16  अक्टुबर 1980 को पहला विश्व खाद्य दिवस मनाया गया।
          • संयुक्त राष्ट्र के मुताबिक 16 अक्टुबर दुनिया भर के लोगों को एक जुटकर जीवन  में भूख उन्मूलन के लिए अपनी प्रतिबधता  घोषित करने का दिन है।
          • 1981 में Food and Agriculture Organization पहली बार फूड  कम फास्ट को विश्व की थीम घोषित किया।

          विश्व खाद्य दिवस

          वर्ष                               थीम

            2017                          चेंज द फ्यूचर ऑफ माइग्रेशन,इन्वेस्ट इन फूड सेक्युरिटी 
                                                एण्ड रुरल डेवेलपमेंट
          2016                            क्लाइमेट इज चेंजिंग , फुड एंड एग्रीकल्चर मस्ट टू
          2015                         सोशल सेक्यूरिटी , ब्रेकिंग द सारकल ऑफ रुरल पॉवर्टी

          दुनिया में गरीबी

          •  दुनिया के हर 8 व्यक्तियों में एक व्यक्ति भूंख का शिकार है।
          • दुनिया में 60 % महिलाएं भूंख का शिकार
          • 5 साल से कम आयु के लगभग 5 लाख बच्चे हर साल कुपोषण की वजह से मारे जाते है।

          गरीबी उन्मूलन(संयुक्त राष्ट्र के प्रायस)

          •        2000 में सहस्त्राब्दी विकास लक्ष्य 
          • 2015 तक प्राप्त करने का लक्ष्य
          •  2015 में संधारणीय विकास लक्ष्य रखे गये जिनका 2030 तक पूरा करना है। इसमें 17 गोल और 169 एसोिएटेड टारगेट है।

          GLOBAL H UNTER INTEX-2017

          • भारत में भूंख एक गंभीर समस्या है
          •  119 देशों के वैश्विक भूख सूचकांक में भारत 100 वें स्थान पर है।
          • पिछले साल भारत 97 वें स्थान पर था इस साल भारत 3 अंक पीछे पहुंच गया।
          INTERNATIONAL FOOD POLICY RESEARCH INSTITUTE(IFPRI)
         अपनी रिपोर्ट में कहा है कि बच्चों में कुपोषण की उच्च दर से देश में भूंख का स्तर इतना गंभीर है।  और सामाजिक क्षेत्र को इसके प्रति मजबूत प्रतिबंधता दिखाने की जरूरत     है.     

        विश्व भूंख सूचकांक 2017

      देश             रैंक         जीएचआई

      चीन                          29                          7.5
      नेपाल                        72                         22
      म्यांमार                        77                      22.6
      श्रीलंका                                 84              25.5 
      बंग्लादेश                   88                        26.5
          भारत                             100                    31.4
भारत के बाद     पाकिस्तान 106 वें स्थान पर और अफगानिस्तान 107 वें स्थान पर है

     

    आईएफपीआरआई के सुझाव

  1.  छोटे बच्चों के लिए पूरक खाद्य पदार्थों की व्यवस्था

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