Kanyakumari
Kanyakumari (alter Name: Cape Comorin)
- यह हिन्द महासागर , बंगाल की खाड़ी और अरब सागर का मिलन स्थल है।
- कन्याकुमारी अम्मन मंदिर- यह मंदिर पार्वती को समर्पित है। तीनों समुद्रों के संगम स्थल पर स्थित है। भक्तजन मंदिर में प्रवेश करने से पहले त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाते है। मंदिर का पूर्वी प्रवेश द्वार हमेशा बंद करके रखा जाता है। क्योंकि मंदिर में स्थापित देवी के आभूषण की रोशनी से समुद्री जहाज इसे लाइटहाउस समझने की भूल कर बैठते है जिससे जहाज दुर्घटनाग्रस्त हो जाते है।
- गांधी स्मारक-
- यहां महात्मा गांधी की चिता की राख रखी हुई है। इस स्मारक की स्थापना 1956 में हुई थी। महात्मा गांधी 1937 में यहां आए थे। उनकी मृत्यु के बाद 1948 में कन्याकुमारी में ही उनकी अस्थियां विसर्जित की गई थी। स्मारक को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि महात्मा गांधी के जन्म दिवस पर सूर्य की प्रथम किरण उस स्थान पर पड़ती है जहां उनकी राख रखी हुई है।
- तिरूवल्लूवर मूर्ति- तिरूक्कुरुल की रचना करने वाले अमर तमिल कवि तिरूवल्लुवर की यह प्रतिमा पर्यटकों को बहुत लुभाती है । 38 फीट ऊंची आधार पर बनी, 95 फीट की है इसकी कुल ऊंचाई-133 फीट इसका वजन-2000 टन , कुल 1283 पत्थरों के टुकड़े उपयोग किये गये।
- विवेकानन्द रॉक मेमोरियल- इस स्थान को श्रीपद पराई के नाम से भी जाना जाता है। यहां विवेकानन्द जी ध्यान लगाया था। प्राचीन मान्यताओं के अनुसार इस स्थान पर कन्याकुमारी ने भी तपस्या की थी। कहा जाता है कि यहां कुमारी देवी के पैरों के निशान मुद्रित हैं। इस स्मारक के दो हिस्से है 1. विवेकानन्द मंडपम 2. श्रीपद मंडपम
तिरुवनन्तपुरम
केरल की राजधानी
- महात्मा गांधी जी ने इस नगर को भारत का सदाबहार नगर की संज्ञा दी।
- इस शहर का नाम शेषनाग अनंत के नाम पर पड़ा जिनके ऊपर पद्मनाभस्वामी (भगवान विष्णु) विश्राम करते है।
- 1956 में केरल राज्य के बनने के बाद से यह केरल राज्य की राजधानी है।
- यही पद्मानाभस्वामी का मंदिर है जो करिब 2000 साल पुराना है। यह मंदिर केरल और द्रविडि़यन वास्तुशिल्प में निर्मित है । इस मंदिर में केवल हिन्दू ही प्रवेश करते है। पुरुष यहां केवल सफेद धोती पहन कर यहां आ सकते है।
- यह भारत के केरल राज्य के दक्षिणी -पश्चिमी तट पर स्थित है।
- देशान्तर 76.9 डिग्री तथा अक्षांश8.5 डिग्री
- जनवरी का तापमान- 29 से 23 के बीच
- तिरूवनंतपुरम वेधशाला- इसका निर्माण महाराजा स्वाति तिरूल ने 1837 में इसका निर्माण करवाया था। यह भारत की सबसे पुरानी वेधशालाओं में से एक है।
- चिड़ियाघर- पीएमजी जंक्शन के पास स्थित यह चिड़ियाघर भारत का दूसरा सबसे पुराना चिड़ियाघर है। इसका निर्माण 1857 में हुआ था। रैप्टाइस हाउस में सांपों की अनेक प्रजातियां रखी गई है।
- नेपियर संग्रहालय- लकडी से बनी यह आकर्षक इमारत शहर के उत्तर में म्यूजियम रोड पर स्थित है। यह भारत के सबसे पुराने संग्रहालयोें में से एक है। इसका निर्माण 1855 में हुआ। मद्रास के गवर्नर लॉर्ड चाल्स नेपियर के नाम पर इस संग्रहालय का नाम रखा गया।
- चाचा नेहरू बाल संग्रहालय़- इसकी स्थापना 1980 में हुई। यह सिटी सेन्ट्रल बस स्टेशन से 1 किमी उत्तर में स्थित है।
- कोवलम बीच - यह तिरूवनंतपुरम से 16 किमी दूर स्थित कोवलम बीच है जो रेतीले तटों पर नारियल के पेडों और खूबसूरत लैगून से सजे ये बीच पर्यटकों को लुभाते है। इसके दक्षिणी छोर पर स्थित लाइट बीच सबसे ज्यादा आकर्षित करता है। यह विश्व के सबसे खुबसूरत तटों में से एक है।
- Veli LaKE PONMUDI HILL

















