आपदा चुनौतियों का प्रबंधन
- देश के वर्तमान भूकंपीय क्षेत्रों के नक्शे के मुताबिक भारत में 59% से अधिक क्षेत्र प्रभावित है।
- 32.9 करोड़ हेक्टेयर के कुल क्षेत्रफल में से 4 करोड़ हेक्टेयर से अधिक में बाढ का खतरा
- बाढ से औसतन प्रतिवर्ष 75 लाख हेक्टेयर भूमि प्रभावित होती है।
- लगभग 1600 लोगों की जाने जाती है।
- लगभग 1805 करोड रुपये की फसलें, मकान , जनोपयोगी सेवाएं प्रभावित होती है।
सेंदई फ्रेमवर्क के आगे की पहल और भावी नीति
- नबंवर 2016 में एएमसीडीआरआर का नई दिल्ली में आयोजन
- 18 मार्च 2015 को भारत सहित संयुक्त राष्ट्र के 188 देशों ने एक 15 वर्षीय योजना को मंजूरी दी।
- सेंदई फ्रेमवर्क नामक योजना को जापानी शहर सेंदई में आपदा जोखिम कम करने पर केंद्रित तीसरे संयुक्त राष्ट्र विश्व सम्मेलन के दौरान मंजूर किया गया।
- इसके तहत वर्ष 2030 तक के लिए चार प्रमुख प्राथमिक क्षेत्र और 7 लक्ष्य निर्धारित किए गए।
- सेंदई फ्रेमवर्क के चार प्राथमिक क्षेत्रों में शामिल है-
- जोखिम को समझना
- जोखिम नियंत्रण को मजबूती देना.
- आपदा प्रतिरोध में निवेश करना
- आपदा संबंधी प्रक्रिया देने की क्षमता ओं का निर्माण करना और आपदा के उपरांत पुनर्निर्माण करना
- 2005 में ह्यूगो फ्रेमवर्क फॉर एक्शन को मंजूर किया गया।
- एशियाई मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणा पत्र और सेंदई फ्रेमवर्क के क्रायान्वियन के लिए क्षेत्रीय कार्रवाई योजना को मंजूरी।
- एएमसीडीआरआऱ में प्रधानमंत्री जी ने दस सूत्री कार्यसूची की घोषणा की।
- इसे विकास कार्यों के सभी क्षेत्रों मसलन, हवाई अड्डों, सड़कों, नहरों, अस्पतालों, स्कूलों, और पुलों के निर्माण के दौरान उचित मानकों को सुनिश्चित करना होगा।
- हमें जोखिम से सभी को उबारने की दिशा में काम करने की जरूरत है।
- आपदा प्रबंधन में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी और नेतृत्व को प्रोत्साहन करना।
- सभी खतरों के लिए विश्व स्तर पर जोखिम मानचित्रण में निवेश करना।
- हमारे आपदा जोखिम प्रबंधन के प्रयासों की दक्षता बढाने के लिए तकनीक को उन्नत बनाना।
- सामाजिक मीडिया और मोबाइल तकनीकों द्वारा प्रदन्त अवसरों का उपय़ोग करना।
- आपदा संबंधी विषयों पर काम करने के लिए विश्वविद्यालयों के एक नेटबर्क को विकसित करना।
- स्थायी क्षमता की मदद से काम करना।
- सुनिश्चित करना कि आपदा से सबक लेने के अवसर बर्वाद न हो। आपदा के बाद घरों के पुनर्निमाण में तकनीकी सहायता देने के लिए केन्द की स्थापना करना।
- आपदा के दौरान अन्तर्राष्ट्रीय प्रयासों के बीच अधिक सामंजस्य स्थापित करना।
उद्देश्य- आपदाओं के जोखिम को कम करने की दिशा में उत्तम पद्धतियों को साझा करनाAMCDRR 4000 प्रतिभागियों ने भाग लिया
स्थापना- 2005
सम्मेलन- 2 वर्ष के अन्तराल पर
अगला सम्मेलन- मंगोलिया(2018)
-संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यलय द्वारा संयुक्त आयोजित किया जाता है
- पहला विश्व सुनामी जागरूकता दिवस 5 नबंवर 2016 को पूरे विश्वभर में मनाया गया। इसका विषय- प्रभावी शिक्षा और निकासी ड्रिल
- नबंवर 2016 में एएमसीडीआरआर का नई दिल्ली में आयोजन