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सोमवार, 2 अक्टूबर 2017

आपदा चुनौतियों का प्रबंधन

  • देश के वर्तमान भूकंपीय क्षेत्रों के नक्शे के मुताबिक भारत में 59% से अधिक क्षेत्र प्रभावित है।
    • 32.9 करोड़ हेक्टेयर के कुल क्षेत्रफल में से 4 करोड़ हेक्टेयर से अधिक में बाढ का खतरा
    • बाढ से औसतन प्रतिवर्ष 75 लाख हेक्टेयर भूमि प्रभावित होती है।
    • लगभग 1600 लोगों की जाने जाती है।
    • लगभग 1805 करोड रुपये की फसलें, मकान , जनोपयोगी सेवाएं प्रभावित होती है।
    •  सेंदई फ्रेमवर्क के आगे की पहल और भावी नीति

      • नबंवर 2016 में एएमसीडीआरआर का नई दिल्ली में आयोजन 
        • 18 मार्च 2015 को भारत सहित संयुक्त राष्ट्र के 188 देशों ने एक 15 वर्षीय योजना को मंजूरी दी।
        • सेंदई फ्रेमवर्क नामक योजना को जापानी शहर सेंदई में आपदा जोखिम कम करने पर केंद्रित तीसरे संयुक्त राष्ट्र विश्व सम्मेलन के दौरान मंजूर किया गया।
        • इसके तहत वर्ष 2030 तक के लिए चार प्रमुख प्राथमिक क्षेत्र और 7 लक्ष्य निर्धारित किए गए।
        • सेंदई फ्रेमवर्क के चार प्राथमिक क्षेत्रों में शामिल है-
        1. जोखिम को समझना
        2. जोखिम नियंत्रण को मजबूती देना.
        3. आपदा प्रतिरोध में निवेश करना
        4. आपदा संबंधी प्रक्रिया देने की क्षमता ओं का निर्माण करना और आपदा के उपरांत पुनर्निर्माण करना
        • 2005 में ह्यूगो फ्रेमवर्क फॉर एक्शन को मंजूर किया गया।
        • एशियाई मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणा पत्र और सेंदई फ्रेमवर्क  के क्रायान्वियन के लिए क्षेत्रीय कार्रवाई योजना को मंजूरी।
        • एएमसीडीआरआऱ में प्रधानमंत्री जी ने दस सूत्री कार्यसूची की घोषणा की।
        1. इसे विकास कार्यों के सभी क्षेत्रों मसलन, हवाई अड्डों, सड़कों, नहरों, अस्पतालों, स्कूलों, और पुलों के निर्माण के दौरान उचित मानकों को सुनिश्चित करना होगा।
        2. हमें जोखिम से सभी को उबारने की दिशा में काम करने की जरूरत है।
        3. आपदा प्रबंधन में महिलाओं की अधिक से अधिक भागीदारी और नेतृत्व को प्रोत्साहन करना।
        4. सभी खतरों के लिए विश्व स्तर पर जोखिम मानचित्रण में निवेश करना।
        5. हमारे आपदा जोखिम प्रबंधन के प्रयासों की दक्षता बढाने के लिए तकनीक को उन्नत बनाना।
        6. सामाजिक मीडिया और मोबाइल तकनीकों द्वारा प्रदन्त अवसरों का उपय़ोग करना।
        7. आपदा संबंधी विषयों पर काम करने के लिए विश्वविद्यालयों के एक नेटबर्क को विकसित करना।
        8. स्थायी क्षमता की मदद से काम करना।
        9. सुनिश्चित करना कि आपदा से सबक लेने के अवसर बर्वाद न हो। आपदा के बाद घरों के पुनर्निमाण में तकनीकी सहायता देने के लिए केन्द की स्थापना करना।
        10. आपदा के दौरान अन्तर्राष्ट्रीय प्रयासों के बीच अधिक सामंजस्य स्थापित करना।
        AMCDRR 4000  प्रतिभागियों ने भाग लिया    
        उद्देश्य- आपदाओं के जोखिम को कम करने की दिशा में उत्तम पद्धतियों को साझा करना
        स्थापना- 2005
        सम्मेलन- 2 वर्ष के अन्तराल पर
        अगला सम्मेलन- मंगोलिया(2018)
        -संयुक्त राष्ट्र आपदा जोखिम न्यूनीकरण कार्यलय द्वारा संयुक्त आयोजित किया जाता है  
        • पहला विश्व सुनामी जागरूकता दिवस 5 नबंवर 2016 को पूरे विश्वभर में मनाया गया। इसका विषय- प्रभावी शिक्षा और निकासी ड्रिल 

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