नदी जोड़ो परियोजना
- NWDA स्थापना -1982
- सबसे पहले- केन-बेतवा नदियों
- 7 बांध बनाने वाले है
- 10 हजार हेक्टेयर भूमि
- पर्यावरणविदों का मानना है कि पन्ना टाइगर रिजर्व और केन घडियाल अभ्यारण्य खत्म हो जायेगा।
- उत्तर प्रदेश , मध्य प्रदेश और केन्द्र सरकार के बीच 25 अगस्त 2005 में सहमित बनी.
नदी जोड़ो परियोजना
- देश भर 30 रिवर लिंक चिन्हित
- हिमालयी नदियों के बीच 14 लिंक
- प्रायद्वीपीय भारत में 16 लिंक
- प्रायद्वीप घटक में 14 और हिमालयी घटक में 2 साध्यता रिपोर्ट पूरी हो चुकी है।
विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार
नदी लिंक तारीख
केन-बेतवा अप्रैैल 2010
दमनगंगा-पिंजाल जनवरी 2014
पार-तापी-नर्मदा मार्च 2014
महानदी-गोदावरी अगस्त 2015
2014 में सुप्रीम कोर्ट ने नदी जोडो परियोजना पर फैसला दिया
संविधान के अनुच्छेद 246 और अनुसूची 7 के तहत पानी पर राज्य का अधिकार है।
गंगा एक्शन प्लान
- 1986 में गंगा एक्शन प्लान की शुरूआत हुई
9 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा खर्च करने के बाद लक्ष्य हासिल नहीं हो पाया और अंत में 2000 में परियोजना को बंद कर दिया गया।
- विश्व में उपलब्ध पानी का मात्र 4% भारत में है जबकि दुनिया में आबादी का लगभग 18% है।
नदी जोड़ो परियोजना का सफर
- 1858 में नदियों को जोडने का विचार मद्रास प्रेसिडेंसी के मुख्य इंजीनियर आर्थर कॉटोन का विचार
- दक्षिण-पूर्व में नदियों में माल की आवाजाही और सूखे की समस्या खत्म करने की सोच सामने आयी।
- कहा जाता है कैप्टन दस्तूर ने रूपरेखा तैयार की ।
- 1960 में केएल राव(केन्द्रीय ऊर्जा और सिंचाई राज्य मंत्री)ने गंगा और कावेरी नदियों को जोडने का प्रस्ताव रखा।
- 1980 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदरा गाँधी के कार्यकाल में जल संसाधन मंत्रालय की ओर से जल विकास के लिए एक राष्ट्रीय परिद्दश्य तैयार किया गया।
- 1982 में नेशनल वॉटर डेवलपमेंट एजेंसी का गठन
- 1999 में एकीकृत जल संसाधन विकास योजना रिपोर्ट पेश हुई जिसमें नदी जोड़ योजना पर विशेष सलाह दी गई।
- 2002 में देश में बढा सूखा पडा
- 15 अगस्त 2002 को तत्कालीन राष्ट्रपति ए पी जे अब्दुल कलाम ने स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्र के नाम संबोध में भारत में नदियों को जोड़ने की आवश्यकता बताई।
- अक्टुबर 2002 में सुप्रीम कोर्ट का आदेश
- दिसंबर 2002 में सुरेश प्रभु की अध्यक्षता में कार्यदल का गठन किया गया। मार्च 2004 में पद से इस्तीफा दे दिया।
- 2002 - पूर्व न्यायाधीश ने मात्र सलाह बताया
- 24 जुलाई 2014 - विशेष समिति के गठन को मंजूरी
- 17 अक्टुबर 2014 - समिति की पहली बैठक
- 20-22 नबंवर 2014 - जल मंथन में व्यापक विचार -नदियों को जोड़ने पर व्यापक विचार हुआ
- 22-23 फरवरी 2016- दूसरी बैठक
- 2015 के इंडिया वॉटर वीक में विचार
- 2016 के इंडिया वॉटर वीक पर गम्भीर चर्चा हुई।
- 1986 में गंगा एक्शन प्लान की शुरूआत हुई

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